क्या आपको पता है दुर्योधन द्वारा उठाई गई 3 उंगलियों का मतलब

मरते हुए व्यक्ति और हारते हुए व्यक्ति अक्सर अपने जुबान से सच बात ही यूज़ करते हैं। महाभारत के बारे में आप सभी लोग अवश्य जानते होंगे। जब भीम के वार ने दुर्योधन को चारों-खाने चित्त कर दिए तब भूमि पर बेसुध पड़े दुर्योधन ने हवा में तीन उगलियां उठाई थी। क्या आप जानते हैं यह तीन उंगलियां उठाने का मकसद क्या था और दुर्योधन ने ऐसा क्यों किया और उसका इशारा किस तरफ था। आज हम आपको यही बताएंगे। तो आइये जानते हैं पूरी कहानी।

हारने के बाद जैसे ही दुर्योधन ने हवा में 3 उंगलियाँ उठाया तो श्रीकृष्ण समझ गए कि दुर्योधन का इशारा किस तरफ है। श्रीकृष्ण ने दुर्योधन से कहा तुम्हे यह हार आना ही था अर्थात तुम्हे हारना ही था क्योंकि तुमने अपने जीवन मे कभी कोई अच्छा काम नही किया और तुमने हमेशा असत्य का साथ दिया और छल किया।

श्रीकृष्ण ने दुर्योधन से कहा यदि तुम हस्तिनापुर के पास किला बनवा देते तो नकुल उसे अपने दिव्य घोड़े के साथ मिलकर तोड़ देता, अश्वथात्मा को सेनापति बनाने से युधिष्ठिर को इतना क्रोध आता कि पूरी सेना एक बार में ही नष्ट हो जाती और विदुर रणभूमि में अगर कौरव की तरफ से लड़ते तो मैं स्वयं पाडंवों की तरफ युद्ध करता। ऐसा सुनने के बाद दुर्योधन ने अपनी उंगली नीचे कर ली। उसे अपने प्रश्नों का जवाब मिल चुका था।

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