इस तरह करें काम तो कभी नहीं होगा घुटनों का दर्द

आजकल घुटनों का दर्द तो एक साधारण सी बात हो चुकी हैं|जिसे देखो इससे परेशान है|अगर आप कुछ रोजाना की आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो जल्द ही आपको इस परेशानी से छुटकारा मिल सकता हैं|

1.अधिकतर घुटनों का दर्द वजन बढ़ने के कारण होता हैं| ध्यान रखे की आप ऐसी किसी चींज का इस्तेमाल न करे जिससे आपका वजन बढे|ज्यादा तेल वाली चींजो से दुरी बनाएं रखे|सुबह के नाश्ते में सालाद जैसे खीरा आदि का सेवन करे|खाने को कम कर फलो पर अधिक ध्यान देवें|अगर आपका वजन कम होता हैं तो 50% घुटनों का दर्द उसी से ठीक हो जाता हैं|

2.अपनी रोज की आदतों में कसरत को शामिल करे|जितना हो सके सुबह जल्दी टहलने जाए|रोज शाम के खाने के बाद भी घुमने जाए इससे आपके घुटने चलते रहते हैं|इससे आपको बहुत फायदा होगा|

3.याद रखे की ऐसा कोई काम न करे जिसमे घुटनों का ज्यादा इस्तेमाल हो या उन पर ज्यादा जोर पड़ता हो|क्योकि ऐसा करने से हमारे घुटनों के बींच जो कार्टिलेज पाया जाता हैं उस पर बहुत नुकसान पड़ता हैं|कार्टिलेज मशीन में ग्रीस की तरह होता हैं जो हमारे घुटनों में चिकनाहट बनाएं रखता हैं अगर ये ही न रहे तो हमारे घुटनों में दर्द होना तो जाहिर हैं|

4.कुछ ऐसी चींजे हैं जिन्हें आयुर्वेद में घुटनों के दर्द में वरदान की तरह माना जाता हैं|जैसे एलोवेरा के रस का इस्तेमाल आपके घुटनों के दर्द में बहुत राहत देगा|अलोवेरा के जूस दिन में दो बार भूखे पेट समान मात्र में पानी मिलकर ले सकते हैं और इसके साथ मेथी दाने का प्रयोग भी कर सकते हैं, मेथी दाने को रत में भिगोकर सुबह जल्दी भूखे पेट उस पानी को पीकर दाने का चबाकर खांए|

5.कई बार घुटनों का दर्द यूरिक एसिड की अधिक मात्रा के कारण भी हो जाता हैं, इसके लिये सेब का सिरका सबसे सही माना जाता हैं क्युकी सेब का सिरका उरिक एसिड में अधिक उपयोगी होता हैं, इसे पिने के लिये समान मात्र में गुनगुना पानी ले और उसमे मिलाकर पियें इससे अच्छा आराम मिलेगा|

6.और काफी बार घुटनों का दर्द काफी पुराना होता हैं तो इसके लिये हम हारसिंगार (पारिजात) का उपयोग भी कर सकते हैं पारिजात की पत्तियों को लेकर उन्हें पानी में उबाले और ठंडा कर उसे रोजाना सवेरे भूखे पेट सेवन करे इसे कम से कम तीन महीने तक पीते रहे इससे से भी जोड़ो के दर्द में अच्छा आराम मिलेगा|

7.बाजार में मिलने वाली अच्छी कम्पनियों के आने वाले ग्लुकोसामाइन टेबलेट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, पर याद रखे की वो टेबलेट आयुर्वेदिक ही हो क्योकि आयुर्वेदिक दवाई बीमारी को जड़ से खत्म करती हैं|

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