अब मोदी सरकार बदलने जा रही है 152 वर्ष पुरानी परंपरा , जाने क्या है वो

केंद्र सरकार बहुत जल्द वितीय वर्ष 01 अप्रैल-31 मार्च को 01 जनवरी-31 दिसम्बर करने में है। इसका ऐलान आगामी अंतरिम बजट में किया जा सकता है। आपको बतादे अप्रैल-मार्च तक वित्त वर्ष की परंपरा 152 साल पुरानी है। आज भारत भी आर्थिक परिदृश्य में एक मजबूत अर्थव्यवस्था का सूचक बन चूका है। ऐसे में आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि वित्त वर्ष में बदलाव करने से से हमारे देश को काफी फायदा होगा और हमारी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। हालांकि शुरुआत में कारोबारियों को नोटबन्दी, जीएसटी की तरह कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन इस फैसले से दूरगामी अच्छे परिणाम मिलने के आसार हैं।

जानिए क्या रहेगा इस फैसले का असर : वित्त वर्ष में बदलाव से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वितीय वर्ष में बदलाव से आम बजट को पेश करने के समय में भी बदलाव करना पड़ेगा। साथ में आयकर रिटर्न फाइल दाखिल करने की तिथियां भी बदल सकती हैं। हालाँकि फाइनेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि वितीय वर्ष में बदलाव से शुरुआती चरण में दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन भविष्य में देश के लिए अच्छा साबित होगा। इस फैसले को पूरी योजनाबद्ध तरीके से सरकार को लागू करना होगा, तभी देश के सभी कारोबारियों को इसका फायदा मिल सकता है। इस व्यवस्था से बिज़नेस सेक्टर में कई तरह के रोजगार पैदा होंगे ।

ऐसे में अगर यह फैसला केंद्र सरकार लेती है तो इससे मौजूदा 152 साल पुरानी है वित्त वर्ष की परंपरा खत्म हो जाएगी और देश में एक नई आर्थिक प्रणाली लागू हो जाएगी।

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