तुलसीदास ने बताये सफलता के 6 मंत्र, एक बार जरूर पढ़ें

रामचरितमानस के रचयिता तुलसीदास ने हर व्यक्ति को सफल होने के लिए 6 मंत्र बताये है। आज कल हर व्यक्ति जीवन में आनंद और तरक्की की तलाश में है। हर शख्स यही चाहता है कि उसे सम्मान मिले उसका नाम ऊंचा हो उसके पास धन दौलत ज्यादा हो। लेकिन शायद वह इस बात पर गौर नहीं करता कि यह सब उसके पास क्यों हो और कैसे हो। इन 6 बातों को जानने के लिए पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।

1. दोस्तों तुलसीदास जी कहते हैं मीठे वचन बोलने वाला व्यक्ति हमेशा सुख पाता है। किसी को भी वश में करने का ये सबसे आसान मन्त्र है इसलिए हर व्यक्ति को चाहिए कि कठोर वचन छोड़कर मीठा बोलने का प्रयास करे।

2. तुलसीदास जी कहते हैं भगवान् राम पर विश्वास करके चैन की बांसुरी बजाओ। इस संसार में कुछ भी अनहोनी नहीं होगी और जो होना है उसे कोई रोक नहीं सकता। क्योंकि भगवान के मर्जी के बेग़ैर एक पत्ता भी नही हिलता इसलिये आप सभी आशंकाओं के तनाव से मुक्त होकर अपना काम करते रहो।

3. तुलसीदास जी कहते हैं वर्षा ऋतु में मेंढकों के टर्राने की आवाज इतनी ज्यादा हो जाती है कि, कोयल की मीठी वाणी उनके शोर में दब जाती है। इसलिए कोयल मौन धारण कर लेती है। अर्थात जब धूर्त और मूर्खों का बोलबाला हो जाए तब समझदार व्यक्ति की बात पर कोई ध्यान नहीं देता है ऐसे समय में उसके चुप रहने में ही भलाई है।

4. तुलसीदास कहते हैं हित चाहने वाले गुरु और स्वामी की सीख को जो व्यक्ति नही मानता वह दिल से बहुत पछताता है और उसके हित की हानि अवश्य होती है।

5. तुलसीदास जी कहते हैं मुखिया मुख के समान होना चाहिए जो खाने-पीने को तो अकेला है लेकिन विवेकपूर्वक सब अंगों का पालन-पोषण करता है।

6. तुलसीदास कहते हैं समय ही व्यक्ति को सर्वश्रेष्ठ और कमजोर बनता है। अर्जुन का वक्त बदला तो उसी के सामने भीलों ने गोपियों को लूट लिया जिसके गांडीव की टंकार से बड़े बड़े योद्धा घबरा जाते थे।

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