ऐसा अंपायर जिसने आज तक कभी सीधी उंगली से नहीं दिया आउट , जाने वजह

क्रिकेट खेलने के लिए जितना गेंदबाजों और बल्लेबाजों का होना जरूरी है। उतना ही क्रिकेट के खेल में एक अंपायर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आप सभी ने देखा होगा कि क्रिकेट के मैदान पर सभी निर्णय अंपायर लेते हैं। जब भी कोई खिलाड़ी आउट होता है तो अंपायर आउट का फैसला अपनी उंगली ऊपर उठा कर देते हैं और अंपायर यह काम अपने दाहिने हाथ की उंगली से करते हैं। लेकिन आज हम आपको ऐसे अंपायर के बारे में बताने वाले हैं, जिसने अपने करियर में कभी भी सीधे हाथ की उंगली से आउट करार नहीं दिया। इसकी वजह काफी हैरान करने वाली है।

दरअसल, मुस्लिम अंपायर जिनका नाम अलीम दार है। ऐसा करते हैं। अलीम दार मैदान पर बहुत ही सटीक निर्णय देते हैं। उनके निर्णय कभी-कभी ही गलत निकलते हैं। लेकिन उनके बारे में एक खास बात यह भी है कि वे कभी भी बल्लेबाजों के आउट होने का फैसला सीधे हाथ की उंगली से नहीं देते हैं। इस बात का खुलासा खुद अलीम दार ने किया।

अलीम दार ने बताया कि सीधे हाथ की उंगली से निर्णय लेने के पीछे का कारण समाज और धार्मिक क्रियाओं के लिए हाथ का प्रयोग करने से है। अलीम दार को यह डर था कि कहीं उनके हाथ से कोई गलत फैसला ना हो जाए। इस उंगली का इस्तेमाल इबादत के लिए करते हैं और अगर उन्होंने इस उंगली से कोई गलत फैसला लिया तो यह काफी बड़ा पाप होगा। इसीलिए अलीम दार हमेशा मैच में आउट का इशारा अपने सीधे हाथ की उंगली से नहीं, बल्कि बाएं हाथ की उंगली से करते हैं।

अलीम दार धार्मिक स्वभाव के व्यक्ति हैं और इसी वजह से वे कभी भी सीधे हाथ की उंगली से किसी खिलाड़ी के आउट होने का फैसला नहीं देते, क्योंकि कभी-कभी निर्णय गलत भी हो सकता है और उनका मानना है कि धार्मिक क्रियाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले हाथ से कोई भी गलत निर्णय नहीं ले सकते। अलीम दार पाकिस्तान के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके हैं। अलीम दार ने टेस्ट में अंपायरिंग की शुरुआत 2003 में की थी और वे 123 टेस्ट मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं। जबकि उन्होंने 2000 में वनडे में अंपायरिंग करना शुरू किया।

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