राजस्थान में कभी नहीं हो पाया पूरी 200 सीटों पर चुनाव ? जानें इसकी वजह

राजस्थान में 7 दिसंबर को विधानसभा के चुनाव होने है, लेकिन इस बार फिर से चुनाव 200 सीट पर ना होकर सिर्फ 199 सीट सीट पर ही होगा. क्योंकि चुनाव से पहले अलवर जिले के रामगढ़ सीट पर बसपा प्रत्याशी की हार्ट अटैक से मौत हो गई है, जिसके बाद अब उस सीट पर चुनाव फिलहाल के लिए रद्द कर दिया गया है. यह पहली बार नहीं हुआ है कि जब राजस्थान में 199 सीट पर चुनाव लड़ा जा रहा है, पिछले 2013 के चुनाव में भी इसी प्रकार की स्थिति बनी थी।

जिस सीट पर चुनाव नहीं होना है, वह सीट है अलवर की, अलवर पिछले कुछ समय से देश में चर्चा में रहा और चर्चा में रहने के कारण था गौ तस्करी और मोब लिंचिंग. अकबर नाम के एक लड़के पर गौ तस्कर होने के शक भर से लोगों ने उसे इतना मारा की उसकी जान चली गई. जिसके बाद से यह मामला पूरे देश में चर्चा में रहा था।

अब बात करते हैं कि राजस्थान में कभी 200 सीट पूरी क्यों नहीं हो पा रहा है, राजस्थान में जो विधानसभा है वह नई बनी है। 2001 में ही शिफ्ट हुई थी, इससे पहले पुराने शहर के टाउन हॉल में विधानसभा चलती थी। नई विधानसभा के बाद से ही कहा जाता है कि इस विधानसभा में कोई श्राप है। जिसके कारण कभी भी यहां पर 200 सीटें पूरी नहीं हो पाती है और ऐसा लंबे समय से देखा जा रहा है. पिछले 17 सालों में इस बिल्डिंग के बाद इस त 8 विधायकों का पद पर रहते हुए निधन हुआ है।

वही 2008 से 2013 कई विधायकों का कार्यकाल के समय उन्हें किसी समस्या का सामना करना पड़ा। किसी मंत्री को एनकाउंटर के मामले में जेल जाना पड़ा, 2011 में भंवरी देवी हत्याकांड में महिपाल मदेरणा जेल में गए थे। 2013 में मंत्री बाबूलाल नागर रेप मामले में जेल जाना पड़ा था. नई विधानसभा पर 200 सीट पूरे ना होने का भूत हमेशा से ही बताया जाता है।

इसके अलावा पिछले 17 सालों से इस तरह के सहयोग को देखते हुए इस बात की भी चर्चाएं जोरों पर है कि क्या विधानसभा की बिल्डिंग में कोई भूतों का डेरा है, जिसके चलते राजस्थान के विधायकों ने विधानसभा में बाबाओं को और तांत्रिकों को बुलाकर हवन आदि करवाया है। इसके अलावा संयोग को हवा देने के लिए कहीं कहानियां भी गड़ी जा चुकी है, बताया जाता है कि विधानसभा में देर रात तक काम करने वाले कर्मचारियों ने कई बार कॉरिडोर में चहल कदमी की आवाज सुनी है, बत्तिया अपने आप जलने बुझने लगती है और अजीबोगरीब आवाज आने लगती है।

हालांकि इस बात की कोई पुष्टि पुष्टि नहीं की गई है कहा जाता है कि इस इमारत में कुछ वास्तु दोष है, जिसके चलते ऐसा सब कुछ हो रहा है।

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