क्या आपके घर में भी दूध उबल कर गिरता है , अगर हां तो आज ही जानिए उसका क्या है नुकसान

भारतीय वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में दूध से घर में सुख और संपन्नता देखी जाती है। अक्सर घरों में ऐसा होता है सुबह के समय लोग दूध खरीदते हैं। मार्निंग टाइम में दूध का खरीदना और देखना बहुत शुभ माना जाता है। हर घर मेंं सुबह के समय दूध उबाला जाता है।

वास्तु सिद्धांत के अनुसार दूध पर चन्द्रमा का आधिपत्य होता है। चन्द्रमा मानव जीवन पर सबसे अधिक प्रभाव डालता है। चन्द्रमा व्यक्ति के मन, पारिवारिक संबंध, पैसे में स्थायित्व, माता, गृहस्थी, सुख और शांति का प्रतीक माना जाता है। चन्द्रमा के बिगड़ने पर मानव जीवन में अशांति मनोविकार पारिवारिक कलेश माता को कष्ट प्रॉपर्टी में हानि और मानसिक अंसतुलन देखा जाता है।

भारतीय वास्तुशास्त्र के सिद्धांत अनुसार अग्नि पर मंगल का अधिपत्य होता है। सभी भारतीय घरों में सुबह और शाम के समय दूध उबालने की पंरपरा सदियों से चली आ रही है। इस तरीके से हम चन्द्रमा को मंगल के हवाले करते हैं। इस क्रिया से लक्ष्मी नारयण योग की उत्पत्ती होती है। यह मिलन चन्द्रमा और मंगल के बीच होता है परंतु जब कोई भी ऐसा काम आपके घर में चाहे भुलवश ही हो तो भी उससे चन्द्रमा के मंलीन होने का खतरा पैदा होता है।

यह कार्य है दूध का उबलना या उबलते दूध का उफान बाहर गिर जाना। इस कार्य में मंगल की अधिकता और चन्द्रमा की शुन्यता आ जाती है। दूध उबल कर बाहर गिरने से व्यक्ति मनोविकार यानि पागलपन से पीड़ित हो सकता है। व्यक्ति के पारिवारिक जीवन में उथल-पुथल की संभावना बढ़ती है। रिश्तेदारों में मतभेद होते हैं। पैसों का अचानक खर्च होता है। घर के लोग बीमार रहने लगते हैं और घरेलू जीवन में कलह-क्लेश की संभावना बढ़ती है।

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