अंकिव बैसोया निलंबित एबीवीपी ने दिया स्वच्छ राजनीति का परिचय । एनएसयूआई कब उठाएगी बड़ा कदम ?

कल देर शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एक बयान जारी कर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष अंकिव बैसोया को उनको सभी पदों से मुक्त कर दिया । इस विषय पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कहना है कि जब तक उनके खिलाफ फर्जी डिग्री केस की जांच नहीं होती तब तक उनको सभी पदों से मुक्त किया जाता है, परंतु इसके थोड़ी देर बाद ही उनके निष्कासन की खबर भी आ गई । दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया ।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ऐसा करके एक स्वच्छ राजनीति का परिचय दिया है ।लेकिन अब यह देखना होगा कि बाकी छात्र संगठन जैसे कि कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई वामपंथी दलों की छात्र इकाई एसएफआई एआईएसएफ और बाकी छात्र संगठन पर समय-समय पर कई बड़े आरोप लगते हैं अभी हाल में ही पूर्व डूसू अध्यक्ष रॉकी तुषीर तिहाड़ जेल तक जा चुके हैं तो वहीं एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष फिरोज खान पर उन्हीं की संगठन की दो महिला कार्यकर्ताओं ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था ,तो वहीं दूसरी तरफ वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई के पूर्व प्रमुख अनमोल रतन पर रेप जैसा संगीन जुर्म तक का रूप तक लग चुका है । यहां तक की वह जेल तक जा चुके हैं। ऐसे में देखना यह है कि वह कब ऐसा बड़ा कदम उठाते हैं और एक अच्छी राजनीति का परिचय देते हैं।

अंकिव बैसोया ने सोशल मीडिया फेसबुक पर अपना बयान जारी करते हुए लिखा कि “आप सभी के प्यार और आशीर्वाद से मैं हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र-संघ अध्यक्ष चुना गया था, लेकिन इसके उपरांत ही विपक्षी छात्र-संघठन NSUI और कुछ विरोधी लोगों ने मेरे ख़िलाफ़ सुनियोजित तरीक़े से मेरा नाम बदनाम करने के लिए साज़िश रची, और मेरे दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश को लेकर सवाल उठाने लगे। मैं
मैं अपने समर्थन में दिल्ली विश्वविद्यालय के लाखों छात्र-छात्राओं द्वारा दिए गए जनादेश एवं DUSU अध्यक्ष पद की गरीमा को ध्यान में रखते हुए, DUSU अध्यक्ष के पद से इस्तीफ़ा देता हूँ और दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन से निवेदन करता हूँ कि वो मेरे ख़िलाफ़ लगे आरोपों की जल्द से जल्द जाँच करके इस विवाद को समाप्त करे।

इस विषय पर एबीवीपी के संगठन मंत्री भरत खटाना ने कहा कि “ दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष अंकिव बसोया पर उनकी डिग्री के संबंध में लगाए जा रहे हैं निरंतर आरोपों के देखते हुए जब तक विश्वविद्यालय द्वारा की जा रही जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अंकिव वसोया से दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष पद से इस्तीफे की मांग करते हुए उन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समस्त दायित्वों से निवृत्त करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से निलंबित कर दिया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पर छात्रों के विश्वास एवं उनके बहुमूल्य मत को ध्यान में रखते हुए जब तक विश्वविद्यालय की जांच पूरी नहीं हो जाती है तब तक के लिए अंकिव को एबीवीपी से निलंबित किया जाता है एवं अंकित से अध्यक्ष पद के इस्तीफे की मांग करती है। दिल्ली प्रांत मंत्री भरत खटाना का कहना है कि छात्रों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पर विश्वास कर उन्हें अपना मत दिया है अतः उनके मत को ध्यान में रखते हुए हम विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करते हैं कि वे जल्द से जल्द जांच को पूरी करें तथा यदि अंकिव दोषी पाया जाता है तो इस केस में होने वाली समस्त न्यायिक कार्यवाही की जाए।

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