दुनिया में है ऐसी जगह जो वैज्ञानिक रूप से नहीं है पर धरती पर मौजूद है । ये है वो रहस्यमई जगह ।

आज हम आपको दुनिया की कुछ ऐसी जगहों से रूबरू करा रहे हैं, जिन्हें देखकर आप कहेंगे कि ये तो नामुमकिन है। लेकिन यकीन मानिएगा दोस्तों, ये जगहें हकीकत में हमारी इस पृथ्वी पर मौजूद है। दोस्तों आप हमें कमेंट करके ज़रूर बताइएगा कि आपको हमारी ये पेशकश कैसी लगी। साथ ही हम आपसे ये भी कहना चाहेंगे कि अगर आपने अभी तक हमारे यूसी ब्लॉग को फॉलो नहीं किया है तो अभी कीजिए, क्योंकि सिर्फ यहीं पर आपको मिलेंगी एक से बढ़कर एक शानदार और मज़ेदार जानकारियां।

1.पैट्रिफाइंग कुंआ- यूरोपीय देश इंग्लैंड के नॉर्थ यॉर्कशायर में मौजूद पैट्रिफाइंग कुआं अपने आप में बेहद विचित्र जगह है। वास्तव में ये कोई वैसा कुंआ नहीं है जैसा कि हमारे देश में होते हैं। ये एक तरह का पानी का झरना है। लेकिन ये झरना अपने अंदर एक बेहद विचित्र खूबी समेटे हुए है। दरअसल इस झरने से गिरने वाला पानी अपनी पहुंच में आने वाली हर चीज़ को पत्थर बना देता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इस झरने के पानी में बड़ी मात्रा में मिनरल्स होते हैं और जब इस पानी में कोई चीज़ महीनों पड़ी रहती है तो उस पर मिनरल्स की मोटी परत जम जाती है। इस वजह से वो चीज़ पत्थर जैसी दिखने लगती है।

2.अंडरवाटर पार्क- ऑस्ट्रिया में एक बेहद खूबसूरत पार्क है, जिसका नाम है ग्रुनर सी अंडरवाटर पार्क। ये पार्क बेहद खूबसूरत है। लेकिन इस पार्क की सबसे बड़ी विशेषता है बसंत ऋतु में यहां का नज़ारा पूरी तरह से बदल जाना। दरअसल बसंत में इस पार्क में इतना पानी भर जाता है कि यहां आने वाले लोग इस पार्क में जॉगिंग नहीं, बल्कि स्कूबा डाइविंग करने लग जाते हैं। बसंत में अगर कोई व्यक्ति यहां पर स्कूबा डाइविंग करता है तो उसे पानी में डूबी पार्क की बेंच भी देखने को मिल जाती है। गर्मियों के मौसम में पानी फिर उतरने लगता है, और पार्क फिर से अपने पुराने स्वरूप में वापस आ जाता है।

3.उबलती नदी- अमेजन के जंगलों में मौजूद है एक ऐसी नदी, जो साल के बारह महीनों बस उबलती रहती है। इस नदी का नाम है शनाय टिम्पिश्का। ये नदी पूरे चार मील लंबी है। शनाय टिम्पशिका नाम की इस नदी का पानी इतना ज़्यादा गर्म रहता है कि अगर कोई जंगली जानवर भूल से इस नदी के पानी में उतर जाए तो वो ज़िंदा ही उबल जाता है। इस नदी का तापमान नब्बे डिग्री सेल्सियस तक होता है।

4.बीकन ऑफ मारकाइब- वेनेज़ुएला की कैटरटिंबन नदी के के उस तरफ ऐसा बिजली का तूफान आता है, जो कभी नहीं रुकता। ये बिजली का तूफान हर दिन आता है। दस से बारह घंटे तक ये तूफान बना रहता है। उसके बाद ये तूफान उतर जाता है। अगले दिन फिर से यही सिलसिला शुरू हो जाता है। बीते कई सौ सालों से इस बिजली वाले तूफान का सिलसिला यूं ही चल रहा है। हर रात सात बजे ये तूफान शुरू होता है। तेज आवाज़ के साथ बिजली कड़कती है। आज तक कोई भी ये नहीं समझ पाया कि आखिर क्यों ये तूफान हर दिन गरजता है।

5.होकाइडो की नीली झील- जापान के होकाइडो द्वीप पर मौजूद है एक ऐसी झील, जो यूं तो दुनिया की बाकी झीलों के जैसी ही है। लेकिन इस झील की एक खासियत ऐसी है जो इसे दुनिया की दूसरी झीलों से अलग बनाती है। इस झील का पानी रंग बदलता है। जी हां, ये सच है। आमतौर पर तो इस झील का पानी नीला दिखता है। लेकिन जैसे ही देखने का एंगल बदला जाए, झील के पानी का रंग भी बदल जाता है। द्वैज्ञानिकों का मानना है कि पानी का रंग इसलिए बदलता हुआ दिखाई देता है, क्योंकि इस पानी में काफी मात्रा में एल्यूमिनियम हाइड्रोक्साइड के पार्टिकल्स हैं।

6.द रिंगिंग रॉक्स- अमेरिका के पेनसिल्वेनिया में बेहद विचित्र आवाज़ निकालवने वाली कुछ चट्टानों का एक ढेर है। इन चट्टानों को हथौड़े जैसी किसी चीज़ से मारने पर घंटी जैसी आवाज़ निकलती है। ये चट्टाने यहां कैसे आई और कब से यहां पर मौजूद हैं, ये कोई नहीं जानता। इन चट्टानों पर सबसे पहले ध्यान गया अमेरिका में आने यूरोपिय शरणार्थीयों का। लोग इन चट्टानों पर आकर खूब मस्ती मनोरंजन करते हैं।

7.कवाह इजेन- इंडोनेशिया के कवाह इजेन इलाके में एक ऐसा ज्वालामुखी है, जिससे निकलने वाले लावा का रंग नीला होता है। वास्तव में इस ज्वालामुखी के पास एक सल्फर की खान है। र्वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि ज्वालामुखी से निकलने वाला ये नीले रंग का तरल पदार्थ वास्तव में सल्फर है, लावा नहीं। खान के अंदर मौजूद सल्फ्यूरिक गैस ज्वालामुखी की गर्मी से गरम होकर नीले रंग की रोशनी छोड़ती है। ये गैस तरल में बदल जाती है और फिर लावा की तरह बहती और उछलती हुई दिखाई देती है। गर्म सल्फर की वजह आस-पास की हवा ज़हरीली हो जाती है। यही वजह है कि जब कोई वैज्ञानिक यहां जाता है तो खास ड्रेस और मास्क पहनकर जाता है।

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