नकारात्मक शक्तियों को पसंद है ऐसे घर , जाने कैसे दूर होगी दरिद्रता ।

घर में सकारात्मक माहौल बनाने के लिए सबसे अच्छा उपाय है घर को सुगंधित बनाया जाए। घर में ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे कमरे, किचन, हॉल आदि का वातावरण महकने लगे। इसके लिए आप अगरबत्ती, इत्र, परफ्यूम आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि आपके घर में शीत की वजह से अथवा अन्य किसी कारण से बदबू आती है तो इस संबंध में तुरंत कोई उपाय करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार जिस स्थान पर गंदगी या दुर्गंध रहती है उस स्थान को धन की देवी महालक्ष्मी सहित सभी देवी-देवता छोड़ देते हैं। वहां दरिद्रता और बुरी शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं।

इसी वजह से घर में सफाई रखनी चाहिए और वातावरण सुगंधित होना चाहिए। जहां सुगंध होती है वहां सकारात्मक ऊर्जा रहती है और वहीं महालक्ष्मी का वास होता है। जहां तक हो सके प्राकृतिक चीजों से सुगंध फैलाएं जैसे गाय के उपलों का धुआं, लोबान, तेजपत्ता, कपूर आदि।

सुगंधित वातावरण बना रहने से मस्तिष्क प्रसन्नचित और शांत रहता है, जिसके चलते घर में गृह-क्लेश नहीं होती। सुगंध से वास्तुदोष का भी निवारण होता है। तन-मन पर सुगंध अपना विशेष प्रभाव डालती है।

बेला-चमेली की सुगंध का प्रयोग केवल विवाहित दंपत्ति ही करें। ये सुंगध काम भाव को जागृत करती है।
मन की शांति के लिए रात रानी का पौधा बैडरूम के बाहर लगाएं अथवा उसके फूल कमरे में सजाएं।
धन से संबंधित किसी भी काम के लिए जाने से पहले मोगरे की सुंगध का इस्तेमाल करें, जरूर आएंगी लक्ष्मी।
पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गुलाब की सुंगध का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह ऐसी सुंगध है जिससे मन चंचल होता है।
रात्रि में सोने से पहले घी में डुबोया कपूर जला दें। इससे तनावमुक्ति होगी और गहरी नींद आएगी। शरीर को भी हमेशा सुगंधित और साफ-सुथरा बनाए रखें।
महीने में दो बार किसी भी दिन घर में उपले जलाकर लोबान या गुग्गल की धूनी देने से घर में ऊपरी हवा का बचाव रहता है तथा बीमारी दूर होती है। साथ ही गृहकलह भी शांत हो जाती है।
गृह कलह दूर करने के लिए घर के पूजा स्थान पर घी का दीपक जलाएं। कपूर और अष्टगंध की सुगंध प्रतिदिन घर में फैलाएं। वीरवार और रविवार को गुड़ और घी मिलाकर उसे कंडे पर जलाएं, इससे भी सुगंधित वातावरण होगा।

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