महाभारत के समय कई राजकुमारी के रहे अनैतिक संबंध । पढ़े खबर

आज हम महाभारत महाकाव्य से जुड़ी हुई ऐसी जानकारी बताने जा रहे है जिसकी जानकारी शायद ही आपको होगी। दोस्तों महाभारत काल मे कई ऐसी राजकुमारियां हुई थी जिनका विवाह से पूर्व या फिर विवाह के बाद किसी अन्य से अनैतिक संबंध थे। और उन संबंध से उन्हें संतान भी हुए।

सत्यवती का विवाह राजा शांतनु के साथ हुआ था जिनसे इन्हें विचित्रवीर्य और चित्रांगद नामक पुत्र प्राप्त हुए थे। परंतु मित्रों सत्यवती का विवाह से पहले ऋषि पराशर के साथ भी संबंध थे जिनसे महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था।

इसके उपरांत विचित्रवीर्य और चित्रांगद का विवाह अंबालिका , अंबिका नाम की राजकुमारियों से हुआ। परंतु विचित्रवीर्य और चित्रांगद की समय मृत्यु हो गयी। इस प्रकार हस्तिनापुर में उत्तराधिकारी की समस्या उत्पन्न हो गयी । तब वंश आगे बढ़ाने के लिए महारानी सत्यवती ने अंबालिका और अंबिका को व्यास जी के पास भेजा जिनसे कारण उन्हें पांडु और धृतराष्ट्र नामक पुत्र प्राप्त हुए।

राजकुमारी कुंती का विवाह पांडु से हुआ था किंतु विवाह से पूर्व दुर्वासा ऋषि ने कुंती के अतिथि सेवा भाव प्रसन्न होकर उन्हें एक गुप्त मंत्र दिया था जिसका प्रयोग उन्हें बड़े होकर करने को कहा था। किंतु कम उम्र होने के कारण खेल खेल में उन्होंने उस मंत्र का उच्चारण कर दिया जिससे उन्हें कर्ण रूप में पुत्र की प्राप्ति हुई थी। परंतु लोक लज्जा के डर से कुंती ने अपने पुत्र कर्ण को नदी में बहा दिया।

इसके उपरांत कुंती को पता चला कि पांडु को एक ऋषि के श्राप के कारण संतान नही होगी तो उन्होंने पांडु की आज्ञा से पवनदेव और इंद्रदेव को प्रसन्न करके गर्भ धारण किया। जिनसे इन्हें युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन पुत्र रूप में प्राप्त हुए।

Comments

comments