गुरुवार के दिन व्रत से होगी सभी मनोकामनाएं पूर्ण, ऐसे करें पूजन

बृहस्पतिवार व्रत के लिए एक नियम से विधि अपनायी जाती है। Guruvar Vrat ke Labh क्योकि कहा जाता है विधिवत पूजन के बाद ही व्रत सम्पूर्ण माना जाता है। इसीलिए आज आपको बृहस्पतिवार व्रत पूजन की सम्पूर्ण विधि बताने जा रहे है। इस व्रत को आप 7, 11, 21, 40, 48, 51, और 108 दिन या पूरी जिंदगी के लिए भी रख सकते है। लेकिन हां, व्रत करने की अवधि अपनी सामर्थ्य अनुसार ही तय करें।

1.इस दिन सुबह जल्दी जागकर स्नान आदि से निवृत होकर घर की साफ़ सफाई कर लें।
2.इसके बाद बृहस्पति यंत्र की स्थपना करके उसका पूजन करें।
3.पूजन के लिए पीली वस्तुओं का प्रयोग करते है। इससे Guruvar Vrat ke Labh मिलेगा।

4.इसके लिए पीले फूल, चने की दाल, पीली मिठाई, पीले चावल, और हल्दी का प्रयोग उचित रहेगा।

5.वीरवार व्रत में केले के पेड़ की चने की दाल के साथ पूजा की जाती है। ये है Guruvar Vrat ke Labh अच्छा पाने का।

6.इसके लिए आप अपने घर के पास स्थित किसी केले के पेड़ या मंदिर में मौजूद केले के पेड़ की पूजा कर सकते है। वीरवार व्रत के लिए मन, कर्म, तन और वचन से शुद्ध होना भी जरुरी है। [ मासिक धर्म से ग्रसित औरते इस व्रत को न करें ]

7.अब जल में हल्दी डालकर केले के पेड़ में चढ़ाये। केले के पेड़ की जड़ो में चने की दाल और मुन्नके चढ़ाये। इसके बाद घी का दीपक जलाकर उस पेड़ की आरती करें। व्रत के दौरान पुरे दिन उपवास रखा जाता है।

8.आप चाहे तो दिन में एक बार भोजन कर सकते है। भोजन करने के लिये चने की दाल या पिली रंग के खाद्य पदार्थो का चयन करें। Guruvar Vrat ke Labh
9. लेकिन एक बात याद रखे की नमक इस व्रत में निषेध है अर्थात – इस दिन नमक का सेवन नहीं किया जाता। नहाने के बाद ही पीले रंग के वस्त्र पहन लें और पूजा के दौरान भी इन्ही वस्त्रो को पहन कर पूजा करें। खाने और भोग लगाने के लिए पीले रंग के फल अर्थात आम आदि का प्रयोग करें।

10.पूजा के बाद बृहस्पति देव की कथा अवश्य सुन्नी चाहिए।

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