भारत और चीन आएंगे अब और करीब – Ministry of External Affairs

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात को विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्ते मजबूत करने वाला कदम बताया है । विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मोदी और जिनपिंग की मुलाकात से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह चीन दौरा बहुत ही ऐतिहासिक साबित होगा तथा यह दौरा दोनों देशों के बीच तनाव को कम करेगा तथा इससे दोनों देशों के बीच की दूरियां कम होंगी और सीमा पर शांति स्थापित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग 2 दिन की अनौपचारिक शिखर वार्ता के दूसरे दिन आज बातचीत का आखिरी दौर शुरू किया ।

इस शिखर वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए आम सहमति बनाना और संबंधों को प्रभावित करने वाले विवादित मुद्दों को सुलझाने के ऊपर बात हुई । दोनों नेताओं ने ईस्ट लेख झील के किनारे सैर भी की तथा दोनों नेताओं के साथ उनके दो अनुवादक भी थे।

शहर के बाद भारत के प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति ने साथ में चाय पी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया के भारत-चीन संबंधों को आगे की ओर देखने वाले पथ पर ले जाते हुए संबंधों में भविष्य की दिशा तय करते हुए प्रधानमंत्री पद नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आज सुबह वहां इसलिए के किनारे एक साथ शहर की।

इस वार्ता की शुरुआत हुए प्रांतीय संग्रहालय में शुरू की थी जहां श्री ने मोदी को अपने साथ ले जाकर ऐतिहासिक कला करके दिखाई थी संग्रहालय में उनके साथ करीब 20 मिनट का समय तय था परंतु राष्ट्रपति शी जिनपिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वहां लगभग 40 मिनट से ज्यादा का समय व्यतीत किया ।

इसके बाद आमने-सामने की वार्ता शुरू हुई थी जिसमें शिष्टमंडल स्तर की वार्ता हुई जिसमें दोनों पक्षों के 6 शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया । उनके साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल विदेश सचिव विजय गोखले और चीन में भारत के राजदूत गौतम बंबावले बैठक में मौजूद थे।

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