पाकिस्तान के हॉकी स्टार मंसूर अहमद भारत में हार्ट ट्रांसप्लांट करवाना चाहते हैं

पाकिस्तान के लिए 1994 में हॉकी का वर्ल्ड कप जितने वाले 49 वर्षीय हॉकी गोल कीपर मंसूर अहमद का भारत में ‘हार्ट ट्रांसप्लांट’ होगा। मेजर ध्यानचंद की तरह अहमद पाकिस्तान में एक खेल के आइकॉन रहे है, क्योंकि सिडनी में 1994 के विश्व कप में फाइनल में नीदरलैंड के खिलाफ अपने पेनल्टी स्ट्रोक पुश के साथ देश वर्ल्ड कप जितने में मदद मिली थी।

अहमद ने कहा “मैंने इंदिरा गांधी कप 1989 में भारत को हराकर खेल के मैदान पर बहुत से भारतीय के दिल तोड़ दिए होंगे, लेकिन वह खेल था, अब मुझे भारत में हार्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत है और इसके लिए मुझे भारत सरकार से मदत चाहिए।” तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद, पाकिस्तानियों को भारत के चिकित्सा वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं, भारत जो अपने उभरते चिकित्सा पर्यटन उद्योग के लिए प्रसिद्ध हैं।

अक्सर पाकिस्तानियों को अच्छे इलाज के लिए इंडिया आना पड़ता है, क्योकि ये चीन में जाके इलाज करा नहीं सकते क्योकि इनके पास इतने पैसे नहीं है। अच्छा होगा पाकिस्तान बम की फैक्ट्री लगाने के बजाए अच्छे हॉस्पिटल्स और स्कूल बनाये।

 

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