ममता बनर्जी ने Durga Immersion Ban लगा क्योकि उसी दिन मोहर्रम है

ममता बनर्जी ने Durga Immersion Ban लगा दिया

Durga Immersion Ban एक ही दिन पड़ रहा है मोहर्रम और दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन,
इस लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुर्गा पूजा के बाद होने वाले मूर्ति विसर्जन,
को अगले दिन करने के लिए कहा,और मुहर्रम को उसी दिन मनाने को कहा.
मुहर्रम अगले दिन मना लेंगे तो इस्लाम खतरे में पड़ सकता है.

Durga Immersion Ban लगा देंगे तो हिदुओ को तो कोई फर्क पड़ना नहीं है.
पता नहीं कहा गयी सेक्युलरों की जमात पता नहीं कहा मर गयी इनकी गंगा जमुनी तहजीब।
क्या बंगाल की सेक्युलरता दम भरने बाली सरकार दोनों त्यौहारों को एक साथ मना कर आपसी भाईचारे की मिसाल
पेश नही करेगी। बस यही है तुम्हारा आपसी भाईचारे का सिद्वान्त।

दोगले सेक्युलरो यदि कुछ शर्म वाकी है। Durga Immersion Ban पर बोलो वार्ना डूब मरो गंगा सागर में।
मुस्लिम वोटर्स को रिझाने की ऐसी होड लगी है कि धर्मनिरपेक्षता का अर्थ हिंदू विरोध हो गया है।
बहुसंख्क हिंदू समाज अल्प संख्यक की नकारात्मक राजनाति का शिकार होकर दोयम दर्जे का
नागरिक बनता जा रहा है, जिसको तथाकथित सेक्युलर कबीला,वामपंथी फर्जी बुद्धिजीवी व विचारक ,

लिबरल और परिवार प्रथम ब्रिगेड के लोग सब समय लताड़ते रहते हैं।
ताकि कुछ अन्य अल्पसंख्यको समुदाय को खुश किया जा सके। ममता बमर्जी इस दौड़ मे आगे चल रही हैं।
तथा हिंदुओं की धार्मिक आजादी भी छिनने को तत्पर हैं। Durga Immersion Ban लगा सकती है।
मूर्ति विसर्जन का डेट चेंज कर सकती है। लेकिन मोहर्रम का डेट करेंगी तो मुस्लिम वोट बैंक छीन जाएगी मैडम से।

बंगाल के हिंदुओं की इज्जत ढेले बराबर नही रह गया अब फिर भी ममता बानो को ये वोट देते हैं,
पता नहीं क्या मज़बूरी है।

अगर Durga Immersion Ban पर चुप रहे

अब बंगाल के हिन्दुओ को चूड़ी पहन लेना चाहिए। जो 65% होके भी अपनी धार्मिक आज़ादी नही बचा पा रहे है।
वरना हिन्दुस्तान में हिन्दु लोगों को उन्ही के देश में एक के बाद एक त्योहार पर रोक लगाने के बाद भी
अगर आप चुप चाप बेठे है तो गलती उन्ही लोगों की है। वरना ममता बनर्जी में हिम्मत कैसे हुई की
हमारे देश में हमारे ही त्योहारों पर रोक लगा दे ।

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