इतनी बेईज्ज़ती के बावजूद लालू प्रसाद यादव का कोई शर्म नहीं – Fodder Scam

Fodder ScamSupreme Court ने Fodder Scam मामले में Jharkhand High Court के फैसले को रद्द करते हुए राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव को Fodder Scam से जुड़े सभी चारों मामलों में सुनवाई का सामना करने के 8 मई 2017 को आदेश दिए. Justice Arun Mishra और Justice Amitav Roy की पीठ ने निचली अदालत को 68 वर्षीय लालू प्रसाद यादव तथा अन्य के खिलाफ कार्रवाई नौ माह के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए.

पीठ ने कहा, ‘हमारा मानना है कि प्रत्येक अपराध के लिए अलग अलग सुनवाई होनी चाहिए.’ Fodder Scam तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के कार्यकाल में पशुपालन विभाग द्वारा विभिन्न जिलों से फर्जी तरीके से 900 करोड़ रुपए की निकासी से जुड़ा है. ऐसे बडे बडे घोटाले करने वाले नेताओं को सज़ा देने के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाये जाने चाहिये. जल्दी सज़ा देकर देश के लिए उदाहरण पेश किया जाना चाहिए ताकि भविश्य में कोई भ्रष्टाचार करने की हिम्मत न करे.

कछुआ की चाल से चलने वाले न्याय से इनकी सेहत पर कोई फरक नहीं पड़ता है. जमानत मिल जाती है फ़िर पूरी जिन्दगी आराम से बिताते हैं. देखिये लालू पर क्या फरक पड़ा पत्नि को सीएम बना दिया था, दोनो बेटे मंत्री हैं. नितिश के सीएम होते भी परोक्ष में लालू की ही सरकार में ज्यादा चलती है. बडी अकड़ के साथ जिन्दगी का मज़ा ले रहा है. फ़िर घोटाले और भ्रष्टाचार की सज़ा का क्या हुआ? ऐसे नेता अफसर और भी अनेको देश में हैं जो भ्रष्टाचार करके मौज ले रहे हैं. देश का कानून बहुत कमज़ोर है.

भ्रष्टाचारी इसका नाजायज़ फ़ायदा उठाते हैं . मोदी जी कुछ सोचिये, ऐसे भ्रष्टाचार तो सदियों तक समाप्त नहीं होगा. इसकी पूरी संपत्ति जब्त करके जेल मे डालने वाला फैसला सुनाना चाहिए, इस तरह के फैसलों से इनके जैसे और भी लोगो को सबक मिलेगा जो पैसे दबा के बैठे है. जल्दी से जल्दी जेल भेजो ऐसे भ्रस्ट राजनेताओ, हमे तो इस न्यायिक प्रकिया पर से भरोसा ही खत्म हो चला है, जो 950 करोड़ के Fodder Scam के बाद भी दोषी को सजा नही हो सका.

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