युद्ध की बात करते Cool Dude – Indian Army Operations in Kashmir

Indian Army Operations in KashmirIndian Army Operations in Kashmir- आज का युवा अत्यधिक जोश में है। बात बात में युद्ध की बात करता है, हर जगह हथियार से बात करना चाहता है। सब्र और सयम से इतना दुखी हो गया है कि इन दोनों शब्दो के उच्चारण मात्र से इन दोनों पर अपना नियंत्रण खो देता है ।

Indian Army Operations in Kashmir – हो भी क्यों नही देश की वर्तमान घटनाओ का रूप ही इतना विभत्स रहा की आत्मा तक कांप जाये। परन्तु क्या युद्ध नीति से इन समस्याओं का दमन किया जा सकता है। आप भी विचार करे सुकमा में हुई घटनाओं से आहत होकर पुरे क्षेत्र के लोगो को गोलियों से भून दिया जाये यह उचित रहेगा। क्या पाकिस्तान की हरकतों से परेशान हो कर देश को युद्ध के दल दल में धकेला जा सकता हैं।

 
क्या युद्ध और हत्याओं से देश की समस्याएं ख़त्म हो जाएगी। हम तनिक भी इन समस्याओं के बारे में नही जान रहे है। हम अपनी भावनाओं के आगे विवश हो गए है अपने कर्तव्यों को भूल कर परिणाम का विश्लेषण किये बिना हम सरकार पर उंगली तो उठा दे रहे है। युवाओ का यह उतावलापन सही नही है ।

आपने कभी विचार किया है आखिर क्यों – Indian Army Operations in Kashmir

पाकिस्तान जैसा गरीब देश आज हमें युद्ध करने की चुनौती दे रहा। क्यों देश का भला चाहने की नौटंकी करने वाला वामपंथ आज निर्दोष जवानो की हत्या करवा रहा है। वह यही चाहते है कि हम युद्ध करे हम अपने विकास को छोड़ कर उसके साथ युद्ध करे यह जानते हुए कि आज हम विकासशीलता के उच्चतम पायदान पर है। यदि देश युद्ध जैसे नाजुक हालत में पहुच जाता हैं तो हम वर्षो पीछे चले जायेगे। देश की अर्थ व्यवस्था बर्बाद हो जायेगी। और इसका फायदा किसे मिलेगा आपने कभी सोचा।

Indian Army Operations in Kashmir – आज देश में दो चार जवान शहीद हो रहे है तो हम उनकी मदद को आगे नही आ पा रहे  उनके परिवार की जिम्मेदारी नहीं ले पा रहे तो, फिर क्या युद्ध के हालात से गुजरे देश में हम अपना सयम रख पाएंगे। अपने कर्तव्यों को पूरा कर पायेगे।

विचार करे देश में युद्ध की बात करने वाला युवा अपने कर्तव्यों का पूर्ण रूप से निर्वाह कर रहा है। नक्सली बने लोगो के खात्मे की बात करने वाला युवा क्या कभी उनकी उत्पत्ति के कारणों पर विचार किया है। तो क्या हम जिस शांति को पाना चाहते है वो बैठे मिलेगी।

हम जिस बनिया विचार (बिजनस माइंड )  से युद्ध-युद्ध चिल्ला रहे है वो वास्तविकता नही है। बिना किसी दाम के काम ना करने वाला और बिना काम किये सफलता की चाहत रखने वाला युवा आज देश में युद्ध जैसे कडे फैसले पर अपनी राय रख रहा हो उस देश के लिए इसे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा।

हमें समस्या नही समस्या को उत्पन्न करने वाले कारण को खत्म करना होगा। मित्रो आज देश को आप की जरुरत है आप अपने कर्तव्यों को पहचाने और उसे पूरा करे। उतावलेपन से देश नही चलता सरकारे आती जाती रहेगी परन्तु देश यही रहेगा। 

जय श्री राम
लेखक
सूरज कुमार राय “बेबाक”
संयोजक
नव युवा विचार मंच

Comments

comments